संक्षेप
प्रसिद्ध फूड डिलीवरी कंपनी डोरडैश (DoorDash) ने 'टास्क्स' (Tasks) नाम का एक नया ऐप पेश किया है, जो गिग वर्कर्स के काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल रहा है। इस ऐप में डिलीवरी पार्टनर्स को खाना पहुंचाने के बजाय अपनी रोजमर्रा की गतिविधियों के वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए पैसे दिए जा रहे हैं। इसमें कपड़े धोना, अंडे बनाना और पार्क में टहलना जैसे साधारण काम शामिल हैं। इन वीडियो का उपयोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को प्रशिक्षित करने के लिए किया जा रहा है। यह बदलाव तकनीक और मानव श्रम के बीच के रिश्तों पर कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
मुख्य प्रभाव
इस नए प्रयोग का सबसे बड़ा प्रभाव यह है कि अब इंसान मशीनों के लिए 'शिक्षक' की भूमिका निभा रहे हैं। डोरडैश अपने विशाल नेटवर्क का इस्तेमाल करके AI को यह सिखाना चाहता है कि भौतिक दुनिया में चीजें कैसे काम करती हैं। हालांकि, इसका एक नकारात्मक पहलू यह भी है कि कर्मचारी अनजाने में उन मशीनों को तैयार कर रहे हैं, जो भविष्य में उनकी जगह ले सकती हैं। यह गिग इकोनॉमी में काम के गिरते स्तर और डेटा के लिए इंसानी निजता के इस्तेमाल की ओर इशारा करता है।
मुख्य विवरण
क्या हुआ
डोरडैश के इस नए 'टास्क्स' ऐप के जरिए वर्कर्स को छोटे-छोटे काम दिए जाते हैं। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, जब एक व्यक्ति ने इस ऐप का इस्तेमाल किया, तो उसे अपने घर के भीतर और बाहर की सामान्य गतिविधियों को रिकॉर्ड करने के लिए कहा गया। उसे निर्देश दिए गए कि वह कपड़े सुखाने, चूल्हे पर अंडे पकाने और सार्वजनिक स्थानों पर चलने के वीडियो बनाए। ऐप यह सुनिश्चित करता है कि वीडियो एक खास एंगल और रोशनी में हों, ताकि AI सॉफ्टवेयर उन्हें आसानी से समझ सके और उनसे सीख सके।
महत्वपूर्ण आंकड़े और तथ्य
इस काम के बदले मिलने वाला पैसा बहुत कम है। आमतौर पर एक छोटे वीडियो टास्क के लिए कुछ ही डॉलर दिए जाते हैं। इन कार्यों को पूरा करने में लगने वाला समय और मेहनत, मिलने वाले पारिश्रमिक के मुकाबले काफी अधिक होती है। डोरडैश के पास लाखों डिलीवरी पार्टनर्स का आधार है, जिसका फायदा उठाकर कंपनी बहुत ही कम कीमत पर भारी मात्रा में डेटा इकट्ठा कर रही है। यह डेटा भविष्य में रोबोटिक्स और कंप्यूटर विजन तकनीक को बेहतर बनाने के काम आएगा।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बेहतर बनाने के लिए भारी मात्रा में डेटा की जरूरत होती है। अब तक AI को इंटरनेट पर मौजूद टेक्स्ट और तस्वीरों से सिखाया जाता था, लेकिन अब टेक कंपनियां चाहती हैं कि AI इंसानों की तरह शारीरिक गतिविधियों को भी समझे। इसके लिए उन्हें असली दुनिया के वीडियो चाहिए। डोरडैश जैसी कंपनियां अपने मौजूदा कर्मचारियों को इस काम में लगा रही हैं क्योंकि उनके पास पहले से ही एक बड़ा वर्कफोर्स मौजूद है। इसे 'डेटा लेबलिंग' या 'घोस्ट वर्क' भी कहा जाता है, जहां पर्दे के पीछे रहकर इंसान मशीनों को स्मार्ट बनाते हैं।
जनता या उद्योग की प्रतिक्रिया
तकनीकी विशेषज्ञों और श्रम अधिकारों के लिए काम करने वाले लोगों ने इस पर चिंता जताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह काम बहुत ही उबाऊ और थका देने वाला है। साथ ही, इसमें निजता का बड़ा खतरा है क्योंकि लोग अपने घर के अंदर के वीडियो कंपनी को भेज रहे हैं। कई वर्कर्स का मानना है कि वे अपनी ही नौकरी को खत्म करने वाली तकनीक को विकसित करने में मदद कर रहे हैं। उद्योग जगत में इसे एक 'सस्ते श्रम' के मॉडल के रूप में देखा जा रहा है, जहां इंसानी अनुभव को केवल डेटा के एक टुकड़े में बदल दिया गया है।
आगे क्या असर होगा
भविष्य में इस तरह के काम और बढ़ सकते हैं। आने वाले समय में हो सकता है कि डिलीवरी बॉय सड़कों पर खाना पहुंचाने के बजाय केवल सेंसर और कैमरे लेकर घूमें ताकि वे मशीनों के लिए रास्ता साफ कर सकें। इससे पारंपरिक नौकरियों का स्वरूप बदल जाएगा और वेतन में और गिरावट आ सकती है। इसके अलावा, अगर AI इन वीडियो से सब कुछ सीख गया, तो भविष्य में डिलीवरी और घर के कामों के लिए रोबोट का इस्तेमाल बढ़ जाएगा, जिससे लाखों लोगों की आजीविका पर संकट आ सकता है।
अंतिम विचार
डोरडैश का 'टास्क्स' ऐप यह दिखाता है कि तकनीक किस तरह धीरे-धीरे हमारे निजी जीवन और काम के बीच की दीवार को खत्म कर रही है। पैसे कमाने के लिए अपनी रोजमर्रा की आदतों को वीडियो में कैद करना एक अजीब और चुनौतीपूर्ण भविष्य की ओर इशारा करता है। यह जरूरी है कि हम यह सोचें कि क्या हम केवल डेटा के स्रोत बनकर रह जाना चाहते हैं या काम के मानवीय महत्व को बचाए रखना चाहते हैं। तकनीक का विकास जरूरी है, लेकिन यह इंसानों की गरिमा और उनकी सुरक्षा की कीमत पर नहीं होना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. डोरडैश टास्क्स ऐप क्या है?
यह डोरडैश द्वारा बनाया गया एक नया ऐप है जहां गिग वर्कर्स को अपनी दैनिक गतिविधियों के वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए पैसे दिए जाते हैं ताकि AI को ट्रेनिंग दी जा सके।
2. इस ऐप में किस तरह के काम करने होते हैं?
इसमें कपड़े धोना, खाना बनाना, सामान उठाना या पार्क में चलने जैसे साधारण कामों के वीडियो बनाने होते हैं।
3. क्या यह काम सुरक्षित है?
सुरक्षा को लेकर कई सवाल हैं, खासकर निजता के मामले में, क्योंकि वर्कर्स को अपने घर के अंदर की गतिविधियों को रिकॉर्ड करके कंपनी के सर्वर पर अपलोड करना पड़ता है।