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एनवीडिया डीएलएसएस 5 नया अपडेट गेमर्स क्यों हैं नाराज
AI Mar 20, 2026 1 min read

एनवीडिया डीएलएसएस 5 नया अपडेट गेमर्स क्यों हैं नाराज

Editorial Staff

National Hindi News

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संक्षेप

ग्राफिक्स कार्ड बनाने वाली मशहूर कंपनी एनवीडिया (Nvidia) ने अपनी नई तकनीक 'DLSS 5' पेश की है, लेकिन इसे लेकर गेमिंग की दुनिया में काफी नाराजगी देखी जा रही है। गेम खेलने वाले लोगों का कहना है कि इस तकनीक से गेम के दृश्य बहुत ही अजीब और बनावटी लगते हैं। सिर्फ गेमर्स ही नहीं, बल्कि गेम बनाने वाले डेवलपर्स भी इस नई तकनीक से बहुत खुश नहीं हैं। इसके बावजूद, जानकारों का मानना है कि आने वाले कुछ सालों में यही तकनीक गेमिंग का नया मानक बन सकती है।

मुख्य प्रभाव

एनवीडिया की इस नई तकनीक का सबसे बड़ा असर गेम की विजुअल क्वालिटी यानी दिखने वाले दृश्यों पर पड़ रहा है। डीएलएसएस 5 (DLSS 5) पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित है, जो गेम के फ्रेम को खुद से तैयार करती है। इससे गेम की रफ्तार तो बढ़ जाती है, लेकिन दृश्यों में वह गहराई और असलियत नहीं रह जाती जो पहले होती थी। गेमर्स का मानना है कि एआई द्वारा बनाए गए ये दृश्य आंखों को खटकते हैं और गेम खेलने के अनुभव को खराब करते हैं।

मुख्य विवरण

क्या हुआ

एनवीडिया ने अपने नए ग्राफिक्स कार्ड्स के साथ डीएलएसएस 5 को बाजार में उतारा है। यह तकनीक 'डीप लर्निंग सुपर सैंपलिंग' का पांचवां वर्जन है। इसका मुख्य काम कम पावर वाले कंप्यूटर पर भी भारी-भरकम गेम्स को तेजी से चलाना है। यह एआई का इस्तेमाल करके कम रेजोल्यूशन वाली तस्वीरों को हाई-क्वालिटी में बदल देती है और बीच-बीच में नए फ्रेम जोड़ देती है। हालांकि, इस बार एआई का दखल इतना ज्यादा बढ़ गया है कि गेम के असली ग्राफिक्स और एआई द्वारा बनाए गए ग्राफिक्स के बीच का अंतर साफ दिखने लगा है।

महत्वपूर्ण आंकड़े और तथ्य

पिछले कुछ सालों में एनवीडिया ने डीएलएसएस के जरिए गेमिंग की दुनिया को पूरी तरह बदल दिया है। जहां डीएलएसएस 2 ने सिर्फ इमेज को साफ करने पर ध्यान दिया था, वहीं डीएलएसएस 3 ने नए फ्रेम बनाना शुरू किया। अब डीएलएसएस 5 में एआई का इस्तेमाल और भी बड़े स्तर पर हो रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब गेम के लगभग 70 से 80 प्रतिशत पिक्सल एआई द्वारा ही बनाए जा रहे हैं। यही वजह है कि गेमर्स को इसमें 'अनकैनी वैली' (Uncanny Valley) जैसा अहसास हो रहा है, जहां चीजें असली तो दिखती हैं लेकिन उनमें कुछ बहुत ही अजीब और डरावना सा महसूस होता है।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

आजकल के आधुनिक गेम्स को चलाने के लिए बहुत ज्यादा कंप्यूटर पावर की जरूरत होती है। गेम बनाने वाली कंपनियां चाहती हैं कि उनके गेम 4K रेजोल्यूशन पर बहुत स्मूथ चलें। लेकिन हर किसी के पास बहुत महंगा कंप्यूटर नहीं होता। इसी समस्या को हल करने के लिए एनवीडिया ने डीएलएसएस तकनीक बनाई थी। यह तकनीक गेम को अंदरूनी तौर पर कम क्वालिटी में चलाती है और फिर एआई की मदद से उसे स्क्रीन पर बहुत साफ करके दिखाती है। इससे कंप्यूटर पर बोझ कम पड़ता है और गेम की स्पीड बढ़ जाती है। लेकिन अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या हम परफॉर्मेंस के चक्कर में गेम की खूबसूरती और उसकी असलियत से समझौता कर रहे हैं?

जनता या उद्योग की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया और गेमिंग फोरम पर लोग इस तकनीक की जमकर आलोचना कर रहे हैं। कई गेमर्स का कहना है कि डीएलएसएस 5 के कारण गेम के पात्रों के चेहरे और हिलने-डुलने का तरीका बहुत ही बनावटी लगता है। वहीं, गेम डेवलपर्स का कहना है कि इस तकनीक की वजह से उन पर दबाव बढ़ गया है। उन्हें डर है कि कंपनियां अब गेम को ठीक से ऑप्टिमाइज (बेहतर बनाने) करने के बजाय पूरी तरह से एआई पर निर्भर हो जाएंगी। डेवलपर्स का मानना है कि गेम की कोडिंग अच्छी होनी चाहिए, न कि उसे एआई के सहारे छोड़ देना चाहिए। कुछ विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि यह तकनीक अभी अपने शुरुआती दौर में है, इसलिए इसमें कमियां होना स्वाभाविक है।

आगे क्या असर होगा

भले ही अभी इस तकनीक का विरोध हो रहा हो, लेकिन भविष्य में इसके इस्तेमाल को रोकना मुश्किल होगा। जैसे-जैसे गेम्स और भी भारी होते जाएंगे, बिना एआई की मदद के उन्हें चलाना नामुमकिन हो जाएगा। आने वाले दो-तीन सालों में डीएलएसएस 5 हर नए गेम का हिस्सा बन सकता है। एनवीडिया भी लगातार अपने सॉफ्टवेयर को अपडेट कर रही है ताकि एआई द्वारा बनाए गए दृश्यों को और भी बेहतर और असली बनाया जा सके। गेमिंग इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि धीरे-धीरे गेमर्स को इसकी आदत हो जाएगी, ठीक वैसे ही जैसे पहले की नई तकनीकों के साथ हुआ था।

अंतिम विचार

एनवीडिया की डीएलएसएस 5 तकनीक ने गेमिंग जगत में एक नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ जहां यह तकनीक कमजोर हार्डवेयर पर भी बड़े गेम्स चलाने की सुविधा देती है, वहीं दूसरी तरफ यह गेम की असली कला और मेहनत को कम कर रही है। तकनीक का विकास जरूरी है, लेकिन यह गेम खेलने के मजे को कम नहीं करना चाहिए। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि एनवीडिया लोगों की शिकायतों को दूर करने के लिए अपनी इस एआई तकनीक में क्या सुधार करती है। फिलहाल, गेमर्स और डेवलपर्स के बीच इसे लेकर असंतोष बना हुआ है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. डीएलएसएस 5 (DLSS 5) क्या है?

यह एनवीडिया की एक एआई तकनीक है जो गेम की स्पीड बढ़ाने और ग्राफिक्स को बेहतर दिखाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करती है।

2. गेमर्स इस तकनीक को नापसंद क्यों कर रहे हैं?

गेमर्स का मानना है कि इस तकनीक से गेम के दृश्य बहुत ही बनावटी और अजीब लगते हैं, जिससे गेम खेलने का असली मजा खत्म हो जाता है।

3. क्या भविष्य में सभी गेम्स में इसका इस्तेमाल होगा?

हां, विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यह तकनीक गेमिंग का एक जरूरी हिस्सा बन जाएगी क्योंकि गेम्स को चलाने के लिए एआई की मदद लेना अनिवार्य होता जा रहा है।

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